टोंक में कंबल विवाद: सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने तोड़ी चुप्पी

टोंक में कंबल विवाद: सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने तोड़ी चुप्पी

Sukhbir Singh Jaunapuria Breaks Silence

Sukhbir Singh Jaunapuria Breaks Silence

टोंक: Sukhbir Singh Jaunapuria Breaks Silence, पिछले महीने राजस्थान के टोंक जिले के निवाई विधानसभा क्षेत्र के करेडा बुजुर्ग गांव में उपजे कंबल विवाद पर पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने अब अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने पूरे प्रकरण पर कहा कि बताओ 'मैंने क्या गलत किया, कंबल ही तो बांटे हैं। अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करना गलत कैसे हो सकता है?' अब अपने कार्यकर्ताओं के लिए कार्यक्रम था, सरकारी योजनाएं तो सभी के लिए की जा रहीं हैं। मैं कंबल दे रहा था। मैंने एक लेडी से पूछा क्या नाम है, उसने नाम बताया। मैंने पूछा कितनी हो? उसने कहा 20-25 हैं। फिर मैंने कहा- ठहर-ठहर, मैंने साफ कहा- कतई नहीं दूंगा, भला मानो चाहे बुरा मानो'। जौनपुरिया ने कहा कि कार्यक्रम सिर्फ कार्यकर्ताओं का था।

कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान जौनपुरिया ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे के दौरान उनकी बात पर भी सहमति जताई गई थी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज कांग्रेस पहले जैसी पार्टी नहीं रही और उसका स्वरूप बदल गया है। जौनपुरिया का कहा कि पीएम मोदी अपने भाषण में बता चुके हैं कि देश में कांग्रेस (INC) नहीं बची है, बल्कि यह 'मुस्लिम लीग माओवादी' पार्टी बन गई है।

विजय बैंसला के अंदाज ने भी हुई नई चर्चा
इसी संवाद कार्यक्रम में गुर्जर नेता विजय बैंसला के तेवर भी काफी सख्त नजर आए। उन्होंने निवाई-पीपलू विधानसभा क्षेत्र के जातीय समीकरणों का हवाला देते हुए स्थानीय विधायक रामसहाय वर्मा को सीधे तौर पर नसीहत दे डाली। बैंसला ने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र में 45 हजार गुर्जर मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि 'चुनाव में इन 45 हजार वोटर्स का ध्यान रखना, वरना याद रखना कि कैंची दोनों तरफ से चलती है।' बैंसला के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या भाजपा के भीतर ही भीतर खींचतान शुरू हो गई है। कार्यक्रम खत्म होने से पहले बैंसला कार्यक्रम से निकल गए, इसे लेकर भी सियासी गर्मी तेज हो गई है, उनके अंदाज को लेकर सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।


जानिए क्या है कंबल विवाद , क्रमवार समझिए

  • कंबल विवाद 22 फरवरी 2026 को हुआ था
  • घटना राजस्थान के टोंक जिले के निवाई विधानसभा क्षेत्र के करेडा बुजुर्ग गांव में हुई
  • टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया एक निजी कार्यक्रम में गरीबों को कंबल बांट रहे थे
  • आरोप है कि जौनपुरिया ने एक मुस्लिम महिला को कंबल देने के बाद उसका नाम और धर्म पूछा, इसके बाद कंबल वापस ले लिया
  • वीडियो में उन्हें यह कहते सुना गया कि 'जो लोग प्रधानमंत्री मोदी को गाली देते हैं और उन्हें वोट नहीं देते, उन्हें कंबल लेने का कोई अधिकार नहीं है